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Seminar on Geospatial Technology Organized at Govt. College Raipur Rani – March 13, 2026


Posted on 13/03/2026

रायपुर रानी, 13 मार्च 2026 — राजकीय महाविद्यालय, रायपुर रानी के भूगोल विभाग द्वारा स्काईलाइन इंस्टीट्यूट ऑफ जियोइन्फॉर्मेटिक्स, रोहतक के सहयोग से “जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी: अनुप्रयोग एवं करियर अवसर” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को रिमोट सेंसिंग और जीआईएस जैसी आधुनिक तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग तथा उनसे संबंधित करियर संभावनाओं से अवगत कराना था। सेमिनार में स्काईलाइन इंस्टीट्यूट के फैकल्टी सदस्य श्री राकेश तथा श्री अजय पूनिया ने मुख्य संसाधन व्यक्तियों (Resource Persons) के रूप में भाग लिया। उन्होंने अपने प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि किस प्रकार रिमोट सेंसिंग और जीआईएस तकनीक का उपयोग आज कृषि, शहरी नियोजन, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, परिवहन योजना तथा रक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में किया जा रहा है। अपने प्रस्तुतीकरण के दौरान उन्होंने वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से इन तकनीकों के व्यावहारिक पक्ष को समझाया। विशेष रूप से ड्रोन तकनीक के प्रत्यक्ष प्रदर्शन ने विद्यार्थियों में काफी उत्साह उत्पन्न किया और उन्हें यह समझने में मदद मिली कि आधुनिक जियोस्पेशियल तकनीक किस प्रकार वास्तविक जीवन में कार्य करती है। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अपराजिता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जियोस्पेशियल तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है और इस क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार की अपार संभावनाएँ उपलब्ध हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को इस आधुनिक तकनीक को सीखने तथा इससे जुड़े करियर विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन भूगोल विभाग की अध्यक्ष डॉ. पूजा बिश्नोई द्वारा किया गया। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को नई तकनीकों से परिचित कराने और उनके भविष्य के लिए सही दिशा प्रदान करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सेमिनार के अंत में विद्यार्थियों ने संसाधन व्यक्तियों से विभिन्न प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। संपूर्ण कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा तथा विद्यार्थियों के लिए यह सेमिनार काफी लाभदायक सिद्ध हुआ।